ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से विदेशी सब-मशीन गन, अत्याधुनिक पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। इस मामले की जांच गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत की जा रही है। अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महफूज अली उर्फ बॉबी उर्फ कबूतर (43) और मोहम्मद अहमद (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चेक रिपब्लिक निर्मित एक सब-मशीन गन, तीन विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 82 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल देश में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाना था।
हाशिम बाबा गैंग से जुड़े हैं तार
स्पेशल सीपी (क्राइम) एचजीएस धालीवाल के मुताबिक, महफूज अली का संबंध कुख्यात हाशिम बाबा गैंग से रहा है। वह पहले भी कई चर्चित गैंगवार और हत्या के मामलों में आरोपी रह चुका है। पुलिस के अनुसार, वह 2019 के मकोका मामले में गैंगस्टर अब्दुल नासिर और हाशिम बाबा के साथ नामजद था और लंबे समय से फरार चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह फरार हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी के नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था, जिसका संचालन कथित तौर पर सीलमपुर निवासी सलीम उर्फ 'सलीम पिस्टल' कर रहा था।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में हमले की थी कथित साजिश
पूछताछ के दौरान महफूज ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसे बड़ी मात्रा में हथियार इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल भविष्य में भीड़भाड़ वाले इलाकों में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने और देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश के तहत किया जाना था।
नेपाल के रास्ते भारत पहुंचते थे हथियार
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि हथियारों के पुर्जों को पाकिस्तान से वेल्डिंग मशीनों और गियर बॉक्स के भीतर छिपाकर हवाई कार्गो के माध्यम से पहले नेपाल भेजा जाता था। इसके बाद उन्हें नेपाल सीमा के रास्ते भारत लाया जाता था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से भी जुड़े आरोप
पुलिस के अनुसार, महफूज ने पूछताछ में यह भी बताया कि वर्ष 2021 में जेल में बंद हाशिम बाबा के निर्देश पर उसने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपियों को पंजाब पहुंचाने में कथित मदद की थी। जांच में यह भी आरोप है कि हत्या के बाद इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट डोंगल को यमुना नदी में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा वर्ष 2022 में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के गिरोह तक विदेशी पिस्टल पहुंचाने में भी उसकी कथित भूमिका सामने आई है।
दूसरे आरोपी की क्या थी भूमिका?
दूसरा आरोपी मोहम्मद अहमद, उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वह वर्ष 2020 में दिल्ली के एक कथित हथियार तस्कर के संपर्क में आया और उसके बाद अवैध हथियारों की सप्लाई का काम करने लगा। जांच में सामने आया है कि वह आजमगढ़ और आसपास के अपराधियों तक हथियार पहुंचाने के बदले प्रत्येक हथियार पर 10 से 15 हजार रुपये का कमीशन लेता था। पुलिस का आरोप है कि इस नेटवर्क से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाना था।
अब तक क्या बरामद हुआ?
एसीपी संजय नागपाल की निगरानी में इंस्पेक्टर मान सिंह और सुंदर गौतम की टीम ने इस पूरे अभियान के दौरान अब तक:
• 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
• 2 विदेशी सब-मशीन गन बरामद की हैं।
• 32 विदेशी हथियार जब्त किए हैं।
• 363 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और दिल्ली पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
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