ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का वरिष्ठ कमांडर बताया जाने वाला रिजवान हनीफ एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों के कारण चर्चा में है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, रिजवान हनीफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से लश्कर के कई अहम अभियानों को संचालित करने में भूमिका निभाता है। हालांकि, इन आरोपों पर रिजवान हनीफ या लश्कर-ए-तैयबा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों में उसके बारे में कई गंभीर दावे किए गए हैं।
लश्कर का वरिष्ठ कमांडर होने का दावा
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, रिजवान हनीफ को लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडरों में शामिल माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि वह संगठन के नेटवर्क को मजबूत करने, नए सदस्यों की भर्ती और आतंकी गतिविधियों के लिए रणनीति बनाने में भूमिका निभाता है। रिपोर्टों में उसे लश्कर का कथित डिप्टी चीफ भी बताया गया है। एजेंसियों के अनुसार, वह PoK से संगठन के कई ऑपरेशनल नेटवर्क को नियंत्रित करने का काम करता है।
युवाओं की भर्ती और प्रशिक्षण का आरोप
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, रिजवान हनीफ पर नए युवाओं को संगठन से जोड़ने और उन्हें प्रशिक्षण दिलाने का आरोप है। खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह लश्कर के लिए नए कैडर तैयार करने और उन्हें अलग-अलग भूमिकाओं में इस्तेमाल करने की योजना से जुड़ा रहा है। एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि उसने कुछ युवाओं को लश्कर के आतंकी नेटवर्क में शामिल कराने में भूमिका निभाई।
PoK के आतंकी शिविरों से जुड़ा नाम
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, रिजवान हनीफ का नाम पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कुछ इलाकों में मौजूद आतंकी प्रशिक्षण शिविरों की निगरानी से भी जोड़ा गया है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रावलाकोट और कोटली जैसे क्षेत्रों में मौजूद कथित प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े नेटवर्क में उसकी भूमिका रही है। इन शिविरों में कथित तौर पर आतंकियों को हथियार चलाने, रणनीति बनाने और सीमा पार गतिविधियों के लिए तैयार किया जाता है।
PAFF से भी जुड़ाव का दावा
खुफिया रिपोर्टों में रिजवान हनीफ को लश्कर के फ्रंट संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) से भी जोड़ा गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि PAFF का नाम जम्मू-कश्मीर में हुई कई आतंकी घटनाओं के बाद सामने आया है और यह संगठन एजेंसियों की निगरानी में रहा है।
घुसपैठ की योजनाओं में भूमिका का आरोप
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, रिजवान हनीफ भारत में आतंकियों की घुसपैठ से जुड़ी योजनाओं के समन्वय में भी शामिल रहा है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह सीमा पार से आतंकियों को संसाधन, प्रशिक्षण और अन्य सहायता उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का हिस्सा है। कुछ रिपोर्टों में उसका नाम कथित समुद्री प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जोड़ा गया है, जिसमें युवाओं को समुद्री रास्तों के इस्तेमाल और ऑपरेशन से जुड़ी ट्रेनिंग देने का दावा किया गया है।
जनवरी में घर में आग की घटना से आया था चर्चा में
रिजवान हनीफ इसी साल जनवरी में भी चर्चा में आया था। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में उसके घर में रहस्यमयी आग लग गई थी। इस घटना में उसकी पत्नी और बेटी की मौत होने की खबर सामने आई थी, जबकि रिजवान हनीफ बच गया था। इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे और सुरक्षा एजेंसियों ने भी घटनाक्रम पर नजर रखी थी।
सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रिजवान हनीफ
रिजवान हनीफ को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठनों के नेटवर्क को समझने और उन्हें रोकने के लिए ऐसे कमांडरों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। आतंकी नेटवर्क, भर्ती और घुसपैठ की योजनाओं से जुड़े आरोपों के कारण रिजवान हनीफ का नाम सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों में प्रमुखता से सामने आता रहा है।
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