ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के संभावित वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर ढाका और नई दिल्ली के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने शेख हसीना के 5 अगस्त को दिल्ली से होने वाले कथित ऑनलाइन संबोधन को लेकर भारत से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वह भारत के साथ बेहतर और मजबूत संबंध चाहती है, लेकिन ऐसे किसी भी कार्यक्रम से दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है।
भारत से स्थिति साफ करने की मांग
बांग्लादेश की विदेश राज्यमंत्री शमा उबैद ने कहा कि सरकार ने शेख हसीना के संभावित कार्यक्रम के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए जानकारी हासिल की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश उम्मीद करता है कि भारत सरकार इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी। उनके मुताबिक, दोनों देशों के हित आपसी संबंधों को मजबूत बनाए रखने में हैं और ऐसे मामलों से रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। शमा उबैद ने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ भविष्य को ध्यान में रखते हुए संबंध आगे बढ़ाना चाहता है।
'हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं'
ढाका में मीडिया से बातचीत के दौरान शमा उबैद ने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत के उच्चायुक्त के साथ उनकी सकारात्मक बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों को अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।
हसीना के कार्यक्रम को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
दरअसल, शेख हसीना के 5 अगस्त को एक वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होने की खबरों के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें शेख हसीना बांग्लादेश वापसी समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रख सकती हैं। यह कार्यक्रम उस घटना के दो साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है, जब 5 अगस्त 2024 को बड़े छात्र आंदोलनों के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।
भारत पर लगाए जा चुके हैं आरोप
बांग्लादेश सरकार का कहना है कि उसने भारत को पहले भी मौखिक और लिखित रूप से यह जानकारी दी है कि भगोड़े या दोषी व्यक्तियों को भारतीय क्षेत्र का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं करना चाहिए। ढाका का आरोप है कि ऐसी गतिविधियां बांग्लादेश की आंतरिक स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, शेख हसीना के कार्यक्रम को लेकर भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शेख हसीना की भारत में मौजूदगी बनी मुद्दा
अगस्त 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं और तब से वह यहीं रह रही हैं। वहीं बांग्लादेश की मौजूदा सरकार लगातार उन्हें वापस लाने की मांग करती रही है। शेख हसीना की भारत में मौजूदगी दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। अब उनके संभावित वर्चुअल संबोधन को लेकर एक बार फिर ढाका और दिल्ली के बीच कूटनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
रिश्तों पर पड़ सकता है असर
बांग्लादेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह इस मामले को गंभीरता से देख रही है। हालांकि, उसने यह भी कहा है कि भारत के साथ संबंध खराब करना उसका उद्देश्य नहीं है। अब नजर इस बात पर है कि भारत सरकार इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या यह विवाद दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!