ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर ईरान ने कड़ा पलटवार किया है कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है। ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण यह जलमार्ग अभी भी ईरान के प्रबंधन और नियंत्रण में है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की बासिज मिलिशिया के प्रमुख हुसैन ताएब ने ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप के दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज अभी भी इस्लामिक रिपब्लिक यानी ईरान के प्रबंधन और नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और मौजूदा परिस्थितियों में आगे बढ़ रहा है।
अराघची ने भी अमेरिका पर साधा निशाना
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिकी दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अमेरिका लंबे समय से अपनी खुफिया विफलताओं के कारण गलत आकलन करता रहा है। अराघची ने ईरान के खिलाफ युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अमेरिका की मौजूदा रणनीति को भी इसी तरह की गलतफहमी का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि अमेरिका ईरान की वास्तविक क्षमता और स्थिति का सही आकलन नहीं कर पा रहा है।
अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर रोक?
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य बेहनाम सईदी ने भी हॉर्मुज को लेकर सख्त बयान दिया है। सरकारी टेलीविजन पर उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए यह पाबंदी युद्ध या शांति, दोनों परिस्थितियों में लागू रहेगी। अगर यह नीति वास्तव में लागू की जाती है, तो इससे क्षेत्रीय समुद्री यातायात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका है।
ट्रंप ने क्या कहा था?
ईरान का ताजा बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर पूरा नियंत्रण है और वह इसे बनाए रखने का इरादा रखता है। ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को 'स्टील की दीवार' बताया था। उन्होंने दावा किया था कि ईरान अमेरिकी नियंत्रण के खिलाफ कुछ नहीं कर सकता। ईरान लगातार अमेरिकी दावों को खारिज करता रहा है और अब ईरानी अधिकारियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि हॉर्मुज पर नियंत्रण को लेकर तेहरान अमेरिकी दावे को स्वीकार नहीं करता।
क्यों महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए इसकी रणनीतिक अहमियत बहुत ज्यादा है। इसी वजह से हॉर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी तरह का तनाव सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता। इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका और ईरान के बीच हॉर्मुज को लेकर यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है। दोनों देशों के बयानों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
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