ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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रक्षाबंधन के दिन आया धमकी भरा फोन
गाजियाबाद के लोनी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि रक्षाबंधन के दिन एक अज्ञात नंबर से विधायक को फोन किया गया। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर घर में घुसकर उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू कर दी गई।
विधायक के मुताबिक, फोन करने वाले ने बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी भरे अंदाज में बात की। जब विधायक ने फोन करने वाले की पहचान जानने की कोशिश की तो उसने कथित तौर पर अपनी पहचान साफ नहीं बताई।
बताया गया है कि पहली कॉल के बाद मामला खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि उसी व्यक्ति ने दोबारा फोन किया और फिर धमकी दी। लगातार फोन आने के बाद विधायक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
विधायक के एक समर्थक की ओर से लोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
सहायक पुलिस आयुक्त लोनी राम किशन के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कॉल करने वाले तक पहुंचने के लिए फोन नंबर और दूसरी तकनीकी जानकारी की जांच कर रही है।
ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर कॉल डिटेल, नंबर की लोकेशन और उससे जुड़े दूसरे तकनीकी इनपुट की मदद लेती है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि फोन वास्तव में किस व्यक्ति ने किया था और धमकी देने के पीछे उसका मकसद क्या था।
नंदकिशोर गुर्जर ने दावा किया है कि जिस व्यक्ति ने उन्हें फोन किया, उसके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह कथित तौर पर वसूली जैसे अपराधों में भी शामिल रहा है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
विधायक ने यह भी कहा कि मामले की जानकारी उन्होंने पुलिस अधिकारियों को दे दी है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस इसी दिशा में जांच आगे बढ़ा रही है।
किसी जनप्रतिनिधि को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलना गंभीर मामला है। खासकर जब धमकी बार-बार दी गई हो और उसमें घर पर हमला करने की बात कही गई हो। ऐसे मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की जल्द पहचान करने के साथ-साथ यह पता लगाना होती है कि धमकी के पीछे वास्तविक इरादा क्या था।
साथ ही यह भी जरूरी है कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को आरोपी मानकर उसके बारे में अंतिम निष्कर्ष न निकाला जाए।
फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सबसे अहम सुराग वही मोबाइल नंबर है, जिससे विधायक को धमकी भरा फोन आया था। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए कॉल करने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
अगर आरोपी की पहचान हो जाती है तो पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि धमकी क्यों दी गई और क्या इसके पीछे कोई दूसरा व्यक्ति या आपराधिक नेटवर्क भी जुड़ा है।
फिलहाल मामला जांच के दौर में है। पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपी की पहचान से ही इस पूरे घटनाक्रम की
तस्वीर साफ होगी।
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