ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली से सटे गाजियाबाद के अर्थला इलाके में निर्माणाधीन बिल्डिंग में युवक की गोली लगने से हुई मौत का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। मृतक के परिवार ने दावा किया है कि समीर चोरी करने नहीं, बल्कि रील बनाने के लिए निर्माणाधीन साइट पर गया था। वहीं, सिक्योरिटी गार्ड का दावा है कि कुछ युवक निर्माणाधीन परिसर में लोहे की सरिया चोरी करने पहुंचे थे और उन्हें रोकने के दौरान गोली चली।
दो दिन पहले कानपुर से आया था समीर
परिवार के मुताबिक, समीर मूल रूप से कानपुर का रहने वाला था और घटना से करीब दो दिन पहले ही गाजियाबाद आया था। परिजनों ने पुलिस को एक वीडियो भी उपलब्ध कराया है। उनका दावा है कि यह वीडियो समीर ने घटना वाले दिन उसी निर्माणाधीन साइट पर बनाया था। परिवार का कहना है कि समीर को एक फोन दिया गया था और वह उसी फोन से वीडियो बनाने के लिए पार्श्वनाथ बिल्डर की निर्माणाधीन साइट पर गया था। परिजनों ने स्पष्ट रूप से चोरी के आरोपों को खारिज किया है।
विवाद के बाद चली गोली
घटना रविवार दोपहर करीब एक बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कुछ युवक पार्श्वनाथ बिल्डिंग परिसर में पहुंचे थे। इसी दौरान वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड से उनकी किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ने के बाद सिक्योरिटी गार्ड विवेक यादव ने अपने लाइसेंसी हथियार से गोली चला दी। गोली समीर को लगी। गंभीर रूप से घायल समीर को इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लिया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सिक्योरिटी गार्ड विवेक यादव को हिरासत में लिया। पुलिस ने उसके लाइसेंसी हथियार को भी बरामद कर लिया है। मामले में मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। परिवार की ओर से गार्ड समेत चार लोगों पर मारपीट और जान से मारने की नीयत से गोली चलाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
गार्ड ने क्यों चलाई गोली?
सिक्योरिटी गार्ड विवेक यादव का दावा है कि कुछ युवक निर्माणाधीन परिसर से लोहे की सरिया चोरी करने की कोशिश कर रहे थे। उसके मुताबिक, युवकों को रोकने और डराने के लिए गोली चलाई गई थी। हालांकि, गोली समीर को लग गई और उसकी मौत हो गई। अब पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम है कि घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था और गोली किन परिस्थितियों में चली।
परिवार ने चोरी के आरोप को बताया गलत
मृतक के परिवार ने गार्ड के चोरी वाले दावे को पूरी तरह खारिज किया है। परिवार का कहना है कि अगर किसी को डराना था तो हवाई फायरिंग की जा सकती थी, लेकिन समीर के शरीर में गोली लगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर निशाना बनाया गया। परिवार ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो और बाकी सबूतों की जांच अहम
मामले में अब वह वीडियो भी महत्वपूर्ण हो सकता है, जिसे परिवार ने पुलिस को दिया है। परिवार का दावा है कि यह समीर का आखिरी वीडियो था और इससे यह पता चल सकता है कि वह निर्माणाधीन साइट पर किस उद्देश्य से गया था। इसके अलावा पुलिस घटनास्थल की स्थिति, CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, हथियार और फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। समीर चोरी करने गया था या रील बनाने, और गोली किन परिस्थितियों में चली—इन सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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