ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के साथ-साथ उनका मानवीय चेहरा भी देखने को मिल रहा है। मसूरी थाना क्षेत्र की नाहल चौकी पर तैनात सब इंस्पेक्टर अभिषेक ने एक कांवड़िए की मदद कर सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
दर्द से परेशान था कांवड़िया
हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल अपने गंतव्य की ओर जा रहे एक कांवड़िए के पैर में लंबी दूरी तय करने के कारण काफी दर्द और सूजन हो गई थी। वह चलने में भी परेशानी महसूस कर रहा था। कांवड़िए की हालत देखकर सब इंस्पेक्टर अभिषेक ने तुरंत उसकी मदद करने का फैसला किया। उन्होंने कांवड़िए के सूजे हुए पैर की मालिश कराई, ताकि उसे कुछ राहत मिल सके। इसके बाद उसे जरूरी दवा उपलब्ध कराई गई और पैर पर पट्टी भी बांधी गई।
पुलिसकर्मी की मदद से मिली राहत
पुलिसकर्मी की इस तत्परता से कांवड़िए को काफी राहत मिली। कुछ देर आराम करने के बाद वह अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना हो सका। मौके पर मौजूद अन्य शिवभक्तों और स्थानीय लोगों ने भी सब इंस्पेक्टर अभिषेक के इस सेवा भाव की सराहना की। लोगों का कहना था कि यात्रा के दौरान पुलिस की ऐसी मदद श्रद्धालुओं के लिए काफी मायने रखती है।
सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हैं कांवड़िए
कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं। लंबी यात्रा के कारण थकान, पैरों में दर्द, छाले और सूजन जैसी परेशानियां होना आम बात है। ऐसे में रास्ते में तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहती। कई जगह पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को पानी उपलब्ध कराने, रास्ता बताने और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक सहायता देने में भी मदद करते हैं।
ड्यूटी के साथ सेवा का संदेश
गाजियाबाद पुलिस की कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार ड्यूटी चल रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी अलग-अलग स्थानों पर तैनात हैं। सब इंस्पेक्टर अभिषेक की यह पहल बताती है कि वर्दी के पीछे भी संवेदनशीलता और इंसानियत मौजूद है। एक परेशान कांवड़िए की छोटी सी मदद ने न सिर्फ उसे राहत दी, बल्कि ड्यूटी के साथ सेवा भावना का भी संदेश दिया। ऐसे उदाहरण पुलिस और आम लोगों के बीच भरोसा मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
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