ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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कांवड़ यात्रा के दौरान दिए गए एक विवादित बयान को लेकर खुद को हिंदू वीर सेना का अध्यक्ष बताने वाले सत्यम पंडित एक बार फिर चर्चा में हैं। वीडियो सामने आने के दो दिन बाद भी गाजियाबाद पुलिस की ओर से उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसे लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मुस्लिम अधिकारियों की ड्यूटी को लेकर दिया था बयान
25 जुलाई को सोशल मीडिया पर वायरल हुए करीब 1 मिनट 17 सेकेंड के वीडियो में सत्यम पंडित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहते दिखाई देते हैं कि कांवड़ यात्रा में किसी भी मुस्लिम अधिकारी की ड्यूटी नहीं लगाई जानी चाहिए।
वीडियो में उन्होंने दावा किया कि जिस तरह हज यात्रा में हिंदू अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होती, उसी तरह कांवड़ यात्रा में भी मुस्लिम अधिकारियों की ड्यूटी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गाजियाबाद के नंदग्राम एसीपी जियाउद्दीन का नाम लेते हुए उन्हें हटाने की मांग भी की। साथ ही उन्होंने सिपाही से लेकर दरोगा, एसीपी और एसएसपी स्तर तक किसी भी मुस्लिम अधिकारी की तैनाती का विरोध किया।
पुलिस की ओर से अब तक नहीं आई कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया
वीडियो में एक पुलिस अधिकारी का नाम लेकर टिप्पणी किए जाने के बावजूद गाजियाबाद पुलिस की ओर से अब तक किसी एफआईआर या आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री की निगरानी करने वाली पुलिस की मॉनिटरिंग टीम की ओर से भी अब तक इस मामले में किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि मामले की जांच की जा रही है या नहीं।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं सत्यम पंडित
यह पहला मौका नहीं है जब सत्यम पंडित विवादों में आए हों। इससे पहले भी उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। हाल ही में सामने आए एक अन्य वीडियो में वह कथित तौर पर जंतर-मंतर से लौट रहे दो युवकों को रोककर उनका नाम और पता पूछते हैं। वीडियो में आरोप है कि इसके बाद उन्होंने दोनों युवकों के साथ गाली-गलौज की और थप्पड़ भी मारा।
बताया गया कि जिन युवकों के साथ मारपीट हुई, उनमें से एक बरेली का रहने वाला था। हालांकि, उस मामले में गाजियाबाद पुलिस ने यह कहते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया था कि घटना दिल्ली की सीमा में हुई थी और यह दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र का विषय है।
कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ी संवेदनशीलता
गाजियाबाद और आसपास के जिले कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाते हैं। ऐसे समय में धार्मिक या सामुदायिक मुद्दों से जुड़े किसी भी विवादित बयान को लेकर प्रशासन आमतौर पर सतर्क रहता है। इसी वजह से इस मामले में अब तक कोई कानूनी कार्रवाई सामने नहीं आने पर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मामले की जांच की जा रही है या नहीं।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
सत्यम पंडित के विवादित बयान और वायरल वीडियो के बाद अब सभी की नजर गाजियाबाद पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है। अभी तक न तो एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही जांच को लेकर कोई विस्तृत बयान जारी किया गया है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
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