ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। पुलिस और मधनिषेध विभाग की सख्ती के बीच तस्कर भी शराब पहुंचाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब तस्करों ने वाहनों के ऐसे हिस्सों को भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिनके बारे में जांच के दौरान आसानी से शक नहीं होता। पश्चिमी चंपारण के बगहा में सामने आए दो मामलों ने शराब तस्करों के नए तरीके का खुलासा किया है। यहां एक बोलेरो के इंजन को ही शराब छिपाने का गुप्त ठिकाना बना दिया गया था, जबकि दूसरी कार्रवाई में भूसे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के अंदर भारी मात्रा में बीयर छिपाकर ले जाई जा रही थी।
बोलेरो के इंजन में बनाया शराब का गुप्त तहखाना
पहला मामला पटखौली थाना क्षेत्र का है। बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य मार्ग पर वाहन जांच के दौरान मधनिषेध विभाग की टीम ने एक बोलेरो को रोका। शुरुआती जांच में वाहन बिल्कुल सामान्य नजर आया। बाहर से देखने पर ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि इसमें शराब छिपाई गई है। लेकिन जांच अधिकारियों को गाड़ी के इंजन की बनावट पर कुछ शक हुआ। जब टीम ने इंजन के अंदर बने एक गुप्त हिस्से को खोला तो सभी हैरान रह गए। उस छिपे हुए स्थान से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। जांच में कुल 125.82 लीटर विदेशी शराब मिली। मौके से वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया और बोलेरो को जब्त कर लिया गया।
भूसे के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 456 लीटर बीयर
दूसरी कार्रवाई रामनगर थाना क्षेत्र के पुरन्दरपुर गांव में हुई। यहां मधनिषेध विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए भूसे से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाशी ली। शुरुआत में ट्रॉली में केवल भूसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जब टीम ने गहराई से जांच की तो भूसे के नीचे छिपाकर रखी गई बीयर की बड़ी खेप बरामद हुई। इस कार्रवाई में 456 लीटर बीयर जब्त की गई। हालांकि, ट्रैक्टर चालक या तस्कर मौके से फरार हो गया।
एक दिन में 581 लीटर से ज्यादा शराब बरामद
बगहा में हुई इन दोनों कार्रवाइयों में मधनिषेध विभाग ने कुल 581.82 लीटर शराब और बीयर बरामद की है। एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे मामले में फरार तस्कर की तलाश जारी है। दोनों मामलों में बिहार उत्पाद अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तार चालक से पूछताछ कर शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल सीमा से सटे इलाके में बड़ी चुनौती
पश्चिमी चंपारण नेपाल सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है, जहां लंबे समय से शराब तस्करी पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। शराबबंदी के बाद तस्करों ने तस्करी के तरीके भी बदल दिए हैं। कभी गाड़ियों के अलग-अलग हिस्सों में शराब छिपाई जाती है तो कभी अनाज, भूसे और अन्य सामान के बीच छिपाकर इसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की कोशिश की जाती है। बगहा की यह कार्रवाई दिखाती है कि तस्कर चाहे कितने भी नए तरीके अपनाएं, लेकिन जांच एजेंसियां भी अब नए तरीकों से कार्रवाई कर रही हैं।
मधनिषेध विभाग ने बढ़ाई निगरानी
अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। वाहनों की सघन जांच, गुप्त सूचना पर कार्रवाई और तस्करी नेटवर्क को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। बगहा में हुई कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि शराब तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन प्रशासन भी अब उनकी हर चाल पर नजर बनाए हुए है।
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