ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और सामने आए सबूतों के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया है। अपराध अन्वेषण शाखा की रिपोर्ट में परीक्षा में अनियमितता की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि एक उम्मीदवार को परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही मिल गया था और उसने इसका फायदा उठाया। इसके बाद आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही रद्द करने का फैसला किया।
छात्रों के आंदोलन के बाद MPSC का फैसला
MPSC के इस फैसले को लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की बड़ी जीत माना जा रहा है। परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद अभ्यर्थी लगातार निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। इस मामले को सबसे पहले विधायक रोहित पवार ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद MPSC की तैयारी कर रहे छात्रों ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS प्रमुख राज ठाकरे से भी मुलाकात की थी। मामला उस समय भी चर्चा में आया जब पुणे में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक छात्रा ने MPSC परीक्षा में हुई कथित अनियमितता का मुद्दा उठाया।
अब दोबारा होगी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा
MPSC ने साफ कर दिया है कि ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पद के लिए अब दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। आयोग इस संबंध में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति जारी करेगा। दरअसल, औषध निरीक्षक यानी ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B, अन्न एवं औषधि प्रशासन संवर्ग के पदों के लिए आयोग ने 29 जुलाई 2025 को विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप लगे। जांच के बाद अब पूरी प्रक्रिया रद्द होने से उन अभ्यर्थियों को फिर से परीक्षा देनी होगी, जिन्होंने भर्ती के लिए मेहनत की थी।
एक उम्मीदवार को मिला था प्रश्नपत्र
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि एक उम्मीदवार को परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही मिल गया था। जांच रिपोर्ट में इस उम्मीदवार द्वारा इसका लाभ उठाने की बात सामने आई। परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए। इसके बाद छात्रों और राजनीतिक नेताओं की ओर से परीक्षा रद्द करने की मांग लगातार तेज होती गई। MPSC के ताजा फैसले से अब नई परीक्षा के जरिए सभी अभ्यर्थियों को दोबारा मौका मिलेगा।
विजय वडेट्टीवार बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी MPSC के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों को लेकर आवाज उठाई थी और परीक्षा रद्द करने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। वडेट्टीवार ने MPSC के फैसले को छात्रों के अधिकारों की लड़ाई की सफलता बताया। उनके मुताबिक, वर्षों तक मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों के लिए आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल नई परीक्षा की तारीख को लेकर है। MPSC की ओर से जल्द ही आधिकारिक सूचना जारी किए जाने की उम्मीद है। नई परीक्षा में पुराने अभ्यर्थियों को किस प्रक्रिया के तहत शामिल किया जाएगा, इसकी जानकारी भी आयोग की प्रेस विज्ञप्ति में दी जाएगी। फिलहाल MPSC का यह फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चल रही बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्रों की मांग के बाद परीक्षा रद्द होना यह भी दिखाता है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर आयोग को दोबारा पूरी प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी है।
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