ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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संसद का मानसून सत्र अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है, लेकिन सदन की कार्यवाही को लेकर गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है और गृह मंत्री अमित शाह से कुछ मुद्दों पर जवाब देने की मांग कर रहा है। इसी हंगामे के बीच मंगलवार को लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिए गए। खास बात यह रही कि दोनों विधेयक महज 14 मिनट के भीतर बिना चर्चा के पास हो गए।
हंगामे के बीच पास हुआ पहला बिल
मंगलवार को दोपहर करीब 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। इसी दौरान गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल नाम परिवर्तन विधेयक सदन में चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। विपक्षी सांसद इस दौरान नारेबाजी कर रहे थे। वे अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे थे। हंगामे के बीच ही केरल नाम परिवर्तन विधेयक को लोकसभा ने पारित कर दिया।
दूसरा बिल भी बिना चर्चा के पास
इसके तुरंत बाद सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम विधेयक पेश किया। विपक्ष की नारेबाजी जारी रही और सदन में सामान्य तरीके से चर्चा नहीं हो सकी। इसके बावजूद लोकसभा ने इस विधेयक को भी पारित कर दिया। इसके बाद करीब 2 बजकर 25 मिनट पर लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। यानी करीब 14 मिनट की कार्यवाही में दो विधेयक पास हो गए।
11 बिल पास, सिर्फ दो पर हुई चर्चा
इस मानसून सत्र में अब तक लोकसभा में कुल 11 विधेयक पारित किए जा चुके हैं। इनमें से सिर्फ दो विधेयकों पर ही सदन में चर्चा हुई, जबकि बाकी नौ विधेयक विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित हुए। यही मुद्दा अब संसद की कार्यप्रणाली और सरकार-विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को लेकर बहस का कारण बन रहा है।
विपक्ष क्यों कर रहा है हंगामा?
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार कई मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है। विपक्षी सांसद गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे हैं।विपक्ष का आरोप है कि जिन मुद्दों पर वह सरकार से जवाब चाहता है, उन पर सदन में पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही। दूसरी तरफ, लगातार हंगामे की वजह से संसद की कार्यवाही भी प्रभावित हो रही है। कई मौकों पर सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा है।
मानसून सत्र का आखिरी दिन करीब
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है। यानी अब सत्र खत्म होने में सिर्फ एक दिन बचा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या आखिरी दिन सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होगा? क्या विपक्ष को अमित शाह का जवाब मिलेगा? और क्या लंबित विधेयकों पर सदन में चर्चा हो पाएगी?
फिलहाल संसद में तस्वीर यही है कि एक तरफ विपक्ष लगातार नारेबाजी कर सरकार पर दबाव बना रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार हंगामे के बीच भी विधायी कामकाज आगे बढ़ा रही है। मानसून सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह तय करेगा कि बाकी बचे मुद्दों और विधेयकों पर सरकार और विपक्ष किस तरह आगे बढ़ते हैं।
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