ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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जेवर एयरपोर्ट और ग्रेटर नोएडा के तेजी से बढ़ते विकास के बीच उत्तर प्रदेश में एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट सामने आया है। जेवर एयरपोर्ट इलाके को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए करीब 74 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस परियोजना पर ₹8,585.51 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने इसके लिए बजट मंजूर कर टेंडर भी आमंत्रित किए हैं।
कहां से शुरू होगा नया एक्सप्रेसवे?
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे के करीब 24.8 किलोमीटर पॉइंट, यानी YEIDA सेक्टर-21 में फिल्म सिटी के पास से शुरू होगा। इसके बाद यह बुलंदशहर के स्याना के पास जाकर गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस पूरे रूट से करीब 56 गांव जुड़ेंगे। योजना के मुताबिक एक्सप्रेसवे को शुरुआत में 6 लेन का बनाया जाएगा, जबकि भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी UPEIDA ने इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार की योजना इसे करीब तीन साल में पूरा करने की है। इस एक्सप्रेसवे को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहला चरण करीब 24 किलोमीटर और दूसरा चरण करीब 50 किलोमीटर का होगा।
सिर्फ सड़क नहीं, पूरी कनेक्टिविटी बदलेगी
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जेवर एयरपोर्ट, ग्रेटर नोएडा, न्यू नोएडा, फिल्म सिटी और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ने में मदद करेगा। एक्सप्रेसवे पर 7 अंडरपास, 14 छोटे-बड़े पुल, एक फ्लाईओवर और 4 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा हाईटेक CCTV सर्विलांस सिस्टम भी लगाया जाएगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
न्यू नोएडा और जेवर को मिलेगा फायदा
जेवर एयरपोर्ट के आसपास पहले से ही कई बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। फिल्म सिटी, न्यू नोएडा, मेडिकल हब, इंटरनेशनल स्टेडियम, ताइवान सिटी और फार्मा क्लस्टर जैसी योजनाएं क्षेत्र को बड़ा आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। नया एक्सप्रेसवे इन परियोजनाओं के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत कर सकता है। इससे उद्योगों, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
रियल एस्टेट और रोजगार पर भी असर
नई सड़क और बेहतर कनेक्टिविटी का असर आसपास के रियल एस्टेट बाजार पर भी पड़ सकता है। एक्सप्रेसवे के आसपास नए कमर्शियल प्रोजेक्ट, वेयरहाउस और औद्योगिक इकाइयों के आने की संभावना बढ़ सकती है। इसके साथ ही निर्माण कार्य और भविष्य में विकसित होने वाली औद्योगिक गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
जेवर एयरपोर्ट बनेगा विकास का बड़ा केंद्र
जेवर एयरपोर्ट के साथ आसपास का पूरा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दूसरी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के साथ यह नया एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को और मजबूत कर सकता है। अगर परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट से लेकर न्यू नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे तक का पूरा इलाका उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर में बदल सकता है।
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