ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर आने वाले समय में देश के बड़े एयर ट्रांसपोर्ट हब में शामिल हो सकता है। एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए अब इसके पास इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) बनाने की तैयारी है। इस टर्मिनल के बनने के बाद यात्रियों को उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों से सीधे बस कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रस्ताव पर जताई सहमति
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह लंबे समय से एयरपोर्ट के पास आईएसबीटी बनाने की मांग कर रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। विधायक के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव, परिवहन विभाग को जरूरी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री कार्यालय को एक औपचारिक पत्र भी सौंपा है। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी YEIDA से आईएसबीटी के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। खास तौर पर मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि परियोजना को आगे बढ़ाने में आसानी हो।
गौतमबुद्ध नगर में अभी नहीं है कोई ISBT
गौतमबुद्ध नगर जिले में फिलहाल कोई बड़ा इंटर-स्टेट बस टर्मिनल नहीं है। नोएडा से चलने वाली यूपी रोडवेज की बसों का संचालन मुख्य रूप से मोरना डिपो से होता है, जबकि ग्रेटर नोएडा का बस डिपो कासना क्षेत्र में है। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट के पास एक अलग आईएसबीटी बनने से यात्रियों के लिए बस सेवाओं को एक ही स्थान पर लाने में मदद मिल सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी, जो फ्लाइट के बजाय कम खर्च में बस के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचना चाहते हैं।
एयरपोर्ट तक पहुंचना होगा आसान
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और YEIDA की ओर से पहले ही सिटी बस सेवा शुरू की जा चुकी है। जून में करीब 100 सिटी बसें नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से एयरपोर्ट के लिए शुरू की गई थीं। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था में यात्रियों को एक परेशानी का सामना करना पड़ता है। बसें एयरपोर्ट टर्मिनल से करीब एक किलोमीटर पहले रुकती हैं और यात्रियों को आगे की दूरी शटल के जरिए तय करनी पड़ती है। इसके अलावा बसों की टाइमिंग और फ्रीक्वेंसी को लेकर भी अभी पूरी स्पष्टता नहीं है।
कई राज्यों से मिल सकती है सीधी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित ISBT सिर्फ जेवर और ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे NCR और आसपास के राज्यों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यहां से दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों के लिए सीधी बस सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। इससे एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए यात्रियों को कई बार वाहन बदलने की जरूरत कम हो सकती है और यात्रा का खर्च भी नियंत्रित रह सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र को भी मिलेगा फायदा
यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारियों, कारोबारियों और यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन की जरूरत होगी।अगर जेवर एयरपोर्ट के पास आधुनिक ISBT तैयार होता है, तो यह एयरपोर्ट, NCR और आसपास के राज्यों के बीच एक अहम ट्रांसपोर्ट हब की भूमिका निभा सकता है। इससे जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ पूरे यमुना क्षेत्र के विकास को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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