ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नोएडा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनने का सपना पूरा नहीं होने पर एक युवक ने खुद ही नकली दरोगा बनने का रास्ता अपना लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनकर नोएडा की सड़कों पर घूमता था और दुकानदारों पर अपना रौब झाड़कर मुफ्त में खाना और सामान लेता था। नोएडा पुलिस ने आरोपी को सेक्टर-117 से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से दिल्ली पुलिस से जुड़ी कई नकली चीजें और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस में भर्ती का फॉर्म भरा था
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान मथुरा के कांतापुरी निवासी राहुल सिंह के रूप में हुई है। वह बीएससी की पढ़ाई कर चुका है और अपने छोटे भाई के साथ सेक्टर-117 में रहता था। राहुल ने दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसका चयन नहीं हो सका। इसके बाद उसने करीब 15 दिन पहले दिल्ली से पुलिस की वर्दी बनवाई और खुद को दरोगा बताकर घूमने लगा।
वर्दी पहनकर दुकानदारों पर जमाता था रौब
आरोपी कथित तौर पर दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनकर सेक्टर-117 और आसपास के इलाकों में घूमता था। वह सड़क किनारे दुकानदारों को खुद को दिल्ली पुलिस में तैनात बताता और उनसे खाना खाता था। पुलिस का आरोप है कि वह कई दुकानदारों से सामान भी मुफ्त में ले लेता था। अपनी पहचान को असली दिखाने के लिए उसने वर्दी पर सफेद स्टार, नेम प्लेट और लाल बेल्ट भी लगा रखी थी। उसकी कार पर ‘भारत सरकार’ लिखवाया गया था और डैशबोर्ड पर दिल्ली पुलिस की कैप रखी रहती थी।
पुलिस को इन सामानों से हुआ शक
राहुल के पास से पुलिस को दिल्ली पुलिस, भारतीय थल सेना और दरोगा की वर्दी से जुड़े सामान मिले। इसके अलावा डीपी बैच, नेम प्लेट, चार सफेद स्टार, लाल बेल्ट, खाकी मौजे और डीपी लिखी कैप भी बरामद की गई। पुलिस ने उसके पास से सात आई कार्ड, स्मार्ट कार्ड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन भी बरामद किया। पुलिस ने उसकी आई-20 कार को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
लाल जूतों ने खोल दिया पूरा राज
इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आरोपी की वर्दी के साथ पहने लाल जूतों ने पुलिस का ध्यान खींचा। थाना प्रभारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के उपनिरीक्षक इस तरह के लाल जूते नहीं पहनते। वर्दी और जूतों के बीच इस अंतर को देखकर पुलिस को उस पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने राहुल को रोककर पूछताछ की। पूछताछ में उसकी असली पहचान सामने आ गई और उसने नकली पुलिसकर्मी बनकर घूमने की बात स्वीकार कर ली।
गाड़ी के कागजात भी नहीं दिखा पाया
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लेने के बाद राहुल ने दिल्ली पुलिस की वर्दी उतार दी और सामान्य कपड़े पहन लिए। इतना ही नहीं, वह अपनी गाड़ी के जरूरी कागजात भी पुलिस के सामने पेश नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी को सीज कर दिया और आरोपी को कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आरोपी ने नकली पुलिसकर्मी बनकर कितने लोगों को प्रभावित किया और क्या उसने इस तरीके से किसी अन्य जगह पर भी लोगों से सामान या पैसे लिए हैं।
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