ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा की कई आवासीय सहकारी समितियों में सालों से अपने फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। अब ऐसे फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है, जिनकी खरीद-बिक्री पावर ऑफ अटॉर्नी यानी GPA के जरिए हुई थी। नई व्यवस्था के तहत पात्र फ्लैटों की लीज डीड वर्तमान कब्जेदार के नाम सीधे की जा सकेगी। इसके लिए तय शुल्क देना होगा, जो मामले के हिसाब से 2.5 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक बताया गया है।
2500 से ज्यादा फ्लैटों को फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जिन्होंने मूल आवंटी से फ्लैट खरीदा था, लेकिन उनकी रजिस्ट्री किसी कारण से नहीं हो पाई। ऐसे कई फ्लैट एक या उससे ज्यादा बार GPA के जरिए ट्रांसफर हो चुके थे। बताया गया है कि इस व्यवस्था से 2500 से ज्यादा फ्लैटों की अटकी हुई रजिस्ट्री का रास्ता खुल सकता है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से फ्लैट में रह रहे हैं लेकिन कागजों पर मालिकाना हक को लेकर परेशानी का सामना कर रहे थे।
NOC और शपथपत्र जरूरी
रजिस्ट्री की प्रक्रिया में संबंधित आवासीय समिति का बोर्ड NOC देगा। इसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि वर्तमान कब्जेदार फ्लैट का उचित मालिक है।इसके अलावा वर्तमान कब्जेदार को शपथपत्र भी देना होगा। इसमें यह जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी कि अगर भविष्य में मूल सदस्य, उसके वारिस या कोई अन्य व्यक्ति फ्लैट को लेकर आपत्ति करता है तो उसकी जिम्मेदारी वर्तमान कब्जेदार की होगी।
खरीदारों के लिए क्यों अहम है फैसला?
किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होने से मालिक के कानूनी अधिकार ज्यादा साफ हो जाते हैं। GPA के जरिए हुए पुराने लेनदेन में कई लोगों को बैंक लोन, बिक्री और दूसरे कानूनी कामों में दिक्कत आती रही है। नई व्यवस्था से ऐसे लोगों को अपने फ्लैट के दस्तावेज व्यवस्थित करने का मौका मिलेगा। साथ ही भविष्य में संपत्ति बेचने या परिवार के नाम ट्रांसफर करने जैसी प्रक्रिया भी आसान हो सकती है।
हालांकि हर फ्लैट अपने आप रजिस्ट्री के लिए योग्य नहीं होगा। संबंधित दस्तावेज, समिति की NOC और तय प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी रहेगा। नोएडा में बड़ी संख्या में लोग ऐसे फ्लैटों में रह रहे हैं जिनका मालिकाना रिकॉर्ड पुराने GPA लेनदेन से जुड़ा हुआ है। इसलिए यह फैसला सिर्फ तत्काल राहत नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही संपत्ति संबंधी समस्या को सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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