ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी अब जमीन पर दिखाई देने लगी है। बीजेपी ने संगठन के नेताओं को चुनावी मोड में लाने की शुरुआत कर दी है। पार्टी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने लखनऊ में हुई बैठकों में नेताओं को साफ संदेश दिया कि अब सिर्फ पार्टी कार्यालयों में बैठकर काम नहीं चलेगा।
विनोद तावड़े ने नेताओं से कहा कि चुनाव तक अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। लोगों से मिलें, संगठन की स्थिति को समझें और जो स्थिति जमीन पर है, उसकी सही जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाएं।
उनका खास जोर इस बात पर था कि पार्टी को कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि वास्तविक ग्राउंड रिपोर्ट चाहिए।
बैठक में उम्मीदवारों के चयन पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं को संकेत दिया गया कि किसी दबाव, सिफारिश या स्थानीय गुटबाजी के कारण कमजोर दावेदारों को आगे न बढ़ाया जाए।
उम्मीदवार के लिए सबसे जरूरी बात उसकी अपने इलाके में पकड़ और लोगों के बीच स्वीकार्यता होगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के नतीजों से बीजेपी को जो राजनीतिक झटका लगा, उसके बाद 2027 को लेकर पार्टी काफी सावधानी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
सितंबर से उत्तर प्रदेश में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के दौरे प्रस्तावित हैं। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के साथ केंद्रीय स्तर के नेताओं के कार्यक्रम भी होने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी नवरात्रि और दीपावली के आसपास कई कार्यक्रम प्रस्तावित बताए गए हैं।
इससे साफ है कि बीजेपी 2027 के चुनाव को लेकर समय से पहले तैयारी तेज करना चाहती है।
अब पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि लखनऊ में तैयार होने वाली रणनीति जमीन पर कितनी असरदार साबित होती है। क्योंकि चुनाव सिर्फ बैठकों और भाषणों से नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन और जनता के मूड को समझने से जीता जाता है।
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