ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार, 10 अगस्त 2026 को आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो से फोन पर बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। अभिजीत दीपके ने रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी जगह इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
देवेंद्र महतो से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवेंद्र महतो के साथ वीडियो कॉल के दौरान का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि देवेंद्र महतो पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। अभिजीत दीपके के मुताबिक, बातचीत के दौरान देवेंद्र महतो ने उन्हें अपनी तबीयत और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के बारे में बताया। दीपके ने दावा किया कि अस्पताल ले जाने से पहले महतो पर लाठीचार्ज किया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं और सीने में दर्द की शिकायत भी हुई। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग तथ्य सामने आ सकते हैं। इसलिए लाठीचार्ज और चोटों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
पुलिस कार्रवाई को लेकर अभिजीत दीपके ने जताई नाराजगी
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में रांची के साथ-साथ जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई चिंता का विषय है। उन्होंने देवेंद्र महतो के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि CJP उनके संघर्ष के साथ खड़ी है। दीपके ने महतो के साहस की तारीफ करते हुए उन्हें संघर्ष करने वाला नायक बताया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी झारखंड के छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
18 दिनों से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन करीब 18 दिनों से जारी है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा मार्च के लिए जुटे थे। प्रदर्शनकारियों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई समेत कई मांगें उठाई जा रही हैं। आंदोलन के दौरान छात्र विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की।
वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के बीच प्रदर्शन
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके अलावा लाठीचार्ज की भी बात सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनके खिलाफ बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस का कहना है कि भीड़ के एक हिस्से के उग्र होने और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। इसी बीच पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो भी आंदोलन में शामिल हुए। खराब स्वास्थ्य के बावजूद उनके प्रदर्शन में पहुंचने से आंदोलन को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
आंदोलन के बीच बढ़ रहा राजनीतिक समर्थन
झारखंड का यह छात्र आंदोलन अब केवल परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। अभिजीत दीपके का देवेंद्र महतो के समर्थन में सामने आना इसी का हिस्सा माना जा रहा है। अब आंदोलनकारियों की नजर सरकार के अगले कदम और छात्रों की मांगों पर होने वाली बातचीत पर है। फिलहाल रांची में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच समाधान निकलता है या आंदोलन आगे और तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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