ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी वरिष्ठ और पूर्व निर्वाचित मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुखद और निंदनीय है।
अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का किया समर्थन
अखिलेश यादव ने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और देश की वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह की घटना का होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता की बात है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इस घटना के पीछे सरकार का हाथ है तो यह और भी गंभीर मामला है। अखिलेश ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि या पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान नहीं होना चाहिए। अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए।
ममता के काफिले के साथ क्या हुआ?
दरअसल, 9 अगस्त को ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के हलीसहर में कथित पुलिस हिरासत में मौत के मामले में एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंची थीं। इसी दौरान उन्हें स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लोगों ने ममता बनर्जी की गाड़ी को रास्ते में रोक दिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर कीचड़ लगाया और जूते-चप्पल भी फेंके। इस दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया गया।घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
ममता बनर्जी ने BJP पर लगाया आरोप
ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए स्थानीय ग्रामीणों को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम बीजेपी से जुड़े लोगों की कथित साजिश थी। ममता ने दावा किया कि घटना को स्थानीय लोगों ने नहीं, बल्कि बीजेपी के कथित कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया। हालांकि, बीजेपी ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी की ओर से घटना की निंदा भी की गई और ममता के आरोपों को गलत बताया गया। ऐसे में इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
FCRA को लेकर भी अखिलेश का केंद्र पर हमला
ममता बनर्जी के मुद्दे के साथ ही अखिलेश यादव ने FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार विदेश से आने वाले पैसे को लेकर नियम और पाबंदियां बनाती है, तो भारत से बाहर जाने वाले पैसे को लेकर भी उतनी ही गंभीरता क्यों नहीं दिखाई जाती। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद बड़े लोगों और पैसे वालों के अच्छे दिन आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि FCRA के जरिए अल्पसंख्यकों और संस्थानों को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, FCRA को लेकर अखिलेश यादव के आरोप राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं।
घटना ने फिर गरम की बंगाल की राजनीति
ममता बनर्जी के काफिले के साथ हुई कथित घटना ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है। एक तरफ टीएमसी इसे राजनीतिक हमले के तौर पर देख रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने आरोपों को खारिज किया है। अखिलेश यादव के समर्थन के बाद यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति से निकलकर विपक्षी दलों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस घटना की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं पूरे मामले की दिशा तय कर सकती हैं।
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