ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। हादसे में छात्रों समेत कई लोगों की मौत के बाद कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि एक तरफ बड़े और महंगे राजनीतिक कार्यालय बनाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सड़क, पुल और सरकारी इमारतों की हालत पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक दिल्ली में छात्रों से जुड़ी कई घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं और हर बार सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े होते हैं।
सत्य निकेतन की इमारत में छात्रों के लिए PG चल रहा था। ऐसे में सवाल सिर्फ एक इमारत के गिरने का नहीं है, बल्कि दिल्ली में चल रहे ऐसे कई PG और किराए के मकानों की सुरक्षा का भी है।
कई छात्र पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली आते हैं। कम बजट में रहने की जगह तलाशते समय अक्सर उन्हें पुरानी या असुरक्षित इमारतों में कमरा लेना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन के लिए जरूरी हो जाता है कि ऐसी इमारतों की समय-समय पर जांच हो।
हादसे के बाद विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर सत्तापक्ष की तरफ से भी विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया गया है।
लेकिन राजनीति से अलग सबसे बड़ा सवाल उन परिवारों का है जिन्होंने इस हादसे में अपने लोगों को खो दिया। हादसे की जांच के साथ यह भी जरूरी है कि यह पता चले कि इमारत की हालत कैसी थी, मरम्मत का काम किन नियमों के तहत चल रहा था और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।
अगर इन सवालों के जवाब समय पर मिलते हैं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
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