ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गौतम गंभीर के भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच बनने के बाद टीम इंडिया ने भले ही 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। हाल की हारों के बाद गंभीर की कोचिंग शैली और रणनीतियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के कुछ अधिकारियों और टीम से जुड़े कुछ सदस्यों ने गंभीर के काम करने के तरीके पर चिंता जताई है।
टेस्ट क्रिकेट में लगातार गिरता प्रदर्शन
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम को कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। टीम इंडिया को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार झेलनी पड़ी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी भारत को निराशा हाथ लगी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ। आंकड़ों के मुताबिक, गंभीर के कार्यकाल में भारत ने सात टेस्ट सीरीज खेली हैं। इनमें जीत बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ मिली, जो मौजूदा टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष टीमों में शामिल नहीं हैं।
हार की जिम्मेदारी को लेकर उठे सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI के कुछ अधिकारियों का मानना है कि गौतम गंभीर अक्सर हार के लिए खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ या अन्य कारणों को जिम्मेदार ठहराते हैं। कुछ अधिकारियों का आरोप है कि गंभीर टीम मैनेजमेंट की रणनीति या फैसलों पर सवाल नहीं उठाते। हालांकि, किसी भी खिलाड़ी ने सार्वजनिक रूप से गंभीर की आलोचना नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने बोर्ड के सामने कोचिंग शैली को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।
ड्रेसिंग रूम में मतभेद की खबरें
गंभीर के फैसलों और टीम मैनेजमेंट के तरीकों को लेकर ड्रेसिंग रूम में असहमति की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि टीम के अंदर पहले जैसा भरोसा अब कमजोर हुआ है।
BCCI ने दी थी पूरी आजादी
जब 2024 में गौतम गंभीर को भारतीय टीम का हेड कोच बनाया गया था, तब BCCI ने उन्हें अपनी पसंद का सपोर्ट स्टाफ चुनने की पूरी आजादी दी थी। गंभीर की पसंद पर अभिषेक नायर, रायन टेन डोइशे और मोर्ने मोर्केल जैसे नाम टीम से जुड़े। हालांकि, बाद में अभिषेक नायर और रायन टेन डोइशे टीम से अलग हो चुके हैं। BCCI के कुछ सदस्यों का मानना है कि गंभीर को मिली इस स्वतंत्रता का फायदा उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल पाया।
श्रीलंका सीरीज होगी अहम परीक्षा
भारतीय टीम की अगली चुनौती श्रीलंका के खिलाफ सीरीज है, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त से होनी है। इस सीरीज को गौतम गंभीर के लिए काफी अहम माना जा रहा है। टीम इंडिया का प्रदर्शन और खिलाड़ियों के साथ तालमेल आने वाले समय में उनकी कोचिंग भूमिका को लेकर बड़ा संकेत दे सकता है। फिलहाल गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम को दोबारा मजबूत प्रदर्शन की राह पर लाना और ड्रेसिंग रूम में भरोसा कायम करना है
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!