ग्लासगो CWG 2026 का समापन, भारत ने जीते 39 पदक; अब अहमदाबाद में होगा शताब्दी राष्ट्रमंडल खेल
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का समापन हो गया। भारत ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। अब 2030 में अहमदाबाद में होने वाले शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स पर सबकी नजरें हैं।
ग्लासगो CWG 2026 का समापन, भारत ने जीते 39 पदक; अब अहमदाबाद में होगा शताब्दी राष्ट्रमंडल खेल
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11 दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का शानदार समापन हो गया। रविवार 2 अगस्त को आयोजित रंगारंग समापन समारोह के दौरान राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज और बेटन अगले मेजबान देश भारत को सौंप दिया गया। ग्लासगो में भारतीय दल का प्रदर्शन कई मायनों में खास रहा। इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कई पारंपरिक और पदक दिलाने वाले खेल जैसे शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी क्षमता साबित की। भारत ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में कुल 39 पदक जीते। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।


2030 में अहमदाबाद करेगा राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी

ग्लासगो खेलों के समापन समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण भारत को अगली मेजबानी सौंपना रहा। स्कॉटलैंड के अधिकारियों ने राष्ट्रमंडल खेल संघ का ध्वज और बेटन भारतीय प्रतिनिधियों को सौंपा। इस ऐतिहासिक मौके पर भारत की ओर से ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी मौजूद रहे। साल 2030 में अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। यह राष्ट्रमंडल खेलों का 100वां यानी शताब्दी संस्करण होगा। भारत इससे पहले साल 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कर चुका है। 2030 के बाद भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद एक से अधिक बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा।


CWG 2026 मेडल टैली में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया का दबदबा देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया ने कुल 171 पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के खाते में 70 स्वर्ण, 45 रजत और 56 कांस्य पदक आए। वहीं इंग्लैंड ने 29 स्वर्ण, 45 रजत और 36 कांस्य सहित कुल 110 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया। कनाडा ने 19 स्वर्ण, 20 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 62 पदक जीतकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते और चौथे स्थान पर रहा। मेजबान स्कॉटलैंड ने भी कुल 39 पदक जीते, लेकिन उसके खाते में भारत से कम रजत पदक थे। इसी वजह से भारत पदक तालिका में स्कॉटलैंड से ऊपर चौथे स्थान पर रहा।


बॉक्सिंग बना भारत का सबसे सफल खेल

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। बॉक्सिंग भारत का सबसे सफल खेल रहा, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक अपने नाम किए। इन 10 पदकों में 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल रहे। महिला बॉक्सिंग में प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, जैस्मिन लंबोरिया, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए।


पैरा एथलीट्स ने भी रचा इतिहास

ग्लासगो में भारत के पैरा खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 6 पदक जीते। इनमें 3 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक शामिल रहे। शर्मीला ढाका, दिलीप गावित और सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।


जूडो और वेटलिफ्टिंग में भी भारत का जलवा

जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 4 पदक जीते। इसमें अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण पदक, जबकि यामिनी मौर्या ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। भारोत्तोलन में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 8 पदक अपने नाम किए। इनमें सबसे खास प्रदर्शन ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू का रहा, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई।


नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर मेडल

एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने एथलेटिक्स में कुल 10 पदक जीते। स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने पुरुष भाला फेंक प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक दिखाई। इसके अलावा मुरली श्रीशंकर, प्रवीण चित्रवेल, सर्वेश अनिल कुशारे और गुलवीर सिंह ने भी रजत पदक जीतकर भारत की पदक तालिका को मजबूत किया।


भारत के सामने अब 2030 अहमदाबाद की चुनौती

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद अब भारतीय खेल जगत की नजरें 2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों पर टिक गई हैं। शताब्दी संस्करण की मेजबानी भारत के लिए केवल एक खेल आयोजन नहीं होगी, बल्कि यह दुनिया के सामने भारत की खेल क्षमता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर होगा। अब भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वह 2030 तक विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं तैयार करे और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी उपलब्ध कराए।

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