ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश की सियासत में बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर अपने पुराने विरोधियों के साथ-साथ नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। बसपा नेता आकाश आनंद ने 25 अगस्त को गौतमबुद्धनगर के जेवर में आयोजित जनसभा में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। हालांकि, इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। आकाश आनंद ने आरक्षण के मुद्दे पर राहुल गांधी से उम्मीद जताई, लेकिन साथ ही कांग्रेस पर सवाल भी खड़े किए।
आरक्षण आंदोलन पर राहुल गांधी से सवाल
आकाश आनंद ने जंतर-मंतर पर चल रहे आरक्षण सुधार आंदोलन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन हो रहा है, तो राहुल गांधी वहां विरोध दर्ज कराने क्यों नहीं पहुंचे? आनंद ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी की चुप्पी उसके वास्तविक रुख को सामने लाती है। उनके बयान का एक अहम पहलू यह भी रहा कि उन्होंने राहुल गांधी से सीधे उम्मीद जताई। यानी बसपा एक तरफ कांग्रेस की आलोचना कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ चाहती है कि कांग्रेस आरक्षण को लेकर अपना स्पष्ट पक्ष सामने रखे।
अखिलेश यादव पर आकाश आनंद का तीखा हमला
जेवर की जनसभा में आकाश आनंद ने अखिलेश यादव को लेकर भी काफी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति को समझना मुश्किल है और वे कई मुद्दों पर भ्रम की स्थिति में नजर आते हैं। आनंद ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव वास्तव में समाज के साथ खड़े हैं या नहीं। उन्होंने जयंत चौधरी को लेकर अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी नेता के बारे में इस तरह की टिप्पणी की जाएगी तो फिर कोई आपके समाज के लिए आगे क्यों आना चाहेगा? यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बसपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव पहले से ही जारी है।
PDA पर भी साधा निशाना
आकाश आनंद ने अखिलेश यादव के चर्चित राजनीतिक नारे PDA पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा समाज बसपा की ओर बढ़ रहा है, इसलिए अखिलेश यादव ने PDA में ‘P’ जोड़ लिया। बसपा नेता का यह बयान सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के उस सामाजिक समीकरण पर हमला माना जा रहा है, जिसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को एक साथ लाने की कोशिश की जाती है।
जयंत चौधरी का क्यों किया बचाव?
आकाश आनंद ने राष्ट्रीय लोकदल नेता और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का भी बचाव किया। राजनीतिक जानकार उनके इस रुख को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। पश्चिमी यूपी की राजनीति में जाट समुदाय की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में जयंत चौधरी के पक्ष में बयान देकर बसपा अपने लिए एक नए सामाजिक समीकरण की संभावना तलाश रही है, ऐसी चर्चा शुरू हो गई है।
मायावती भी राहुल गांधी पर उठा चुकी हैं सवाल
आकाश आनंद से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती भी आरक्षण के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेर चुकी हैं। मायावती ने कहा था कि जंतर-मंतर पर दलित और शोषित वर्गों के आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था, लेकिन राहुल गांधी या कांग्रेस का कोई नेता वहां प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए नहीं पहुंचा। मायावती ने कांग्रेस पर आरक्षण को लेकर उसकी कथित चुप्पी के लिए सवाल उठाया था और राहुल गांधी से आरक्षण विरोधी लोगों को समझाने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही थी। इससे साफ है कि बसपा की रणनीति में आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आ रहा है।
क्या है बसपा की रणनीति?
आकाश आनंद के ताजा बयान को सिर्फ अखिलेश यादव पर हमला मानना शायद पूरी तस्वीर नहीं होगी। उनके बयानों में एक साथ कई राजनीतिक संदेश दिखाई देते हैं। एक तरफ बसपा समाजवादी पार्टी को निशाना बनाकर उसके PDA समीकरण को चुनौती दे रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस से आरक्षण पर स्पष्ट रुख की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं जयंत चौधरी के समर्थन के जरिए पश्चिमी यूपी के जाट मतदाताओं तक पहुंच बनाने की संभावना भी नजर आती है।
कन्नौज सांसद अखिलेश यादव को लेकर पिछले दो हफ्तों में आकाश आनंद का यह दूसरा बड़ा जुबानी हमला बताया जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि बसपा आने वाले समय में समाजवादी पार्टी के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई को और आक्रामक कर सकती है। अब देखना होगा कि आकाश आनंद के बयान पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और जयंत चौधरी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या इन बयानों से उत्तर प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरणों की कोई शुरुआत होती है।
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