ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव ने महिलाओं के लिए ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का ऐलान किया है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। अब इस घोषणा पर सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूजा पाल ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी भले ही चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे करे, लेकिन उत्तर प्रदेश की महिलाएं उसके झांसे में आने वाली नहीं हैं।
‘महिलाओं की सुरक्षा की बात करना हास्यास्पद’
पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समानता को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, लेकिन यह अपने आप में हास्यास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं और युवतियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं होती थीं। उन्होंने कहा कि यूपी की महिलाएं उस दौर को भूली नहीं हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी थी। पूजा पाल ने आरोप लगाया कि सपा अब 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए ‘महिला कार्ड’ खेल रही है। उनके मुताबिक, महिलाओं के मुद्दे पर किए जा रहे इन वादों का चुनावी फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।
गेस्ट हाउस कांड का भी किया जिक्र
पूजा पाल ने अपने बयान में 1995 के चर्चित गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दलित महिला नेता और तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के साथ लखनऊ गेस्ट हाउस में जो घटना हुई थी, उसे लोग आज भी याद करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के सम्मान की बात करने से पहले समाजवादी पार्टी को अपने राजनीतिक इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।
रोली मिश्रा मामले पर भी सवाल
पूजा पाल ने सपा की पूर्व प्रवक्ता रोली मिश्रा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब रोली मिश्रा ने सपा कार्यकर्ताओं की ओर से कथित अभद्रता की शिकायत की और अखिलेश यादव को अपना नेता मानते हुए अपना दर्द बताया, तब उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। पूजा पाल ने सवाल किया कि अगर अखिलेश यादव अपनी पार्टी की प्रवक्ता की रक्षा नहीं कर सकते तो उत्तर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे?
डिंपल यादव को लेकर किए गए कमेंट का जिक्र
पूजा पाल ने अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब डिंपल यादव के खिलाफ कथित तौर पर भद्दी टिप्पणी की गई, तब अखिलेश यादव ने क्या कार्रवाई की? इसी आधार पर उन्होंने अखिलेश यादव की महिला सुरक्षा संबंधी घोषणाओं पर सवाल खड़े किए।
2027 चुनाव से पहले महिला वोट पर नजर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला मतदाता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा की ओर से महिलाओं के लिए योजना का ऐलान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सपा जहां स्त्री सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को अपना मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्षी नेता इन घोषणाओं को चुनावी रणनीति बता रहे हैं।
पूजा पाल ने कहा कि 2027 के चुनाव में महिलाएं, माताएं और युवा हर राजनीतिक दल के वादों को अपने अनुभव के आधार पर परखेंगे। उन्होंने दावा किया कि सपा चाहे महिलाओं को लेकर कितने भी वादे करे, यूपी की महिलाएं उसके पुराने शासन को नहीं भूलेंगी। फिलहाल, अखिलेश यादव की योजना पर पूजा पाल की प्रतिक्रिया ने यूपी की सियासत में महिलाओं के मुद्दे को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में यह मुद्दा 2027 के चुनावी अभियान का अहम हिस्सा बन सकता है।
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