ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में समाजवादी पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी का मामला सामने आया है। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नारे लगाने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में लिया और उसके खिलाफ शांति भंग करने की कार्रवाई की। यह मामला जिले के जरीफनगर थाना क्षेत्र के दहगवां चौराहे स्थित राव फार्म हाउस का है, जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
अखिलेश यादव के कार्यक्रम में हुई नारेबाजी
जानकारी के मुताबिक, 30 जुलाई को अखिलेश यादव बदायूं पहुंचे थे। वह पूर्व मंत्री और विधायक रहे ओमकार सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान भीड़ में शामिल एक युवक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाता हुआ दिखाई दिया। किसी व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने लिया संज्ञान
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो की पहचान प्रक्रिया के जरिए नारे लगाने वाले युवक का पता लगाया। जांच में युवक की पहचान प्रेमपाल पुत्र सत्यपाल निवासी दजरामपुर, थाना इस्लामनगर के रूप में हुई। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, मामले में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि जिससे माहौल खराब हो सकता है, उस पर नजर रखी जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर जांच की गई और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। हालांकि, इस मामले को लेकर अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनावी माहौल के बीच बढ़ी सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में नेताओं के कार्यक्रमों और सार्वजनिक मंचों पर होने वाली घटनाएं अक्सर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन जाती हैं। बदायूं की यह घटना भी इसी कड़ी में चर्चा में आई है। जहां एक तरफ पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
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