ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के कामकाज को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी शिकायत एसआईटी को सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। महिपाल सिंह ने अपनी शिकायत में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत कई लोगों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच अभी प्रक्रिया में है।
SIT को सौंपी 20 बिंदुओं वाली शिकायत
जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने पहले महिपाल सिंह से उनके आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और साक्ष्य मांगे थे। इसके बाद उन्होंने लिखित शिकायत और उपलब्ध प्रमाण जांच एजेंसी को सौंपे। महिपाल सिंह ने अपनी शिकायत में करीब 20 बिंदुओं पर कथित अनियमितताओं का जिक्र किया है। इसमें ट्रस्ट के कामकाज, निर्माण खर्च, चंदे के प्रबंधन और कुछ खरीद प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने चंपत राय, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, कुछ बैंक कर्मचारियों और अन्य लोगों के नाम का भी उल्लेख किया है।
मंदिर निर्माण लागत को लेकर उठाए सवाल
महिपाल सिंह का सबसे बड़ा दावा राम मंदिर निर्माण की लागत को लेकर है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंदिर निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 800 करोड़ रुपये बताई गई थी, तो यह बढ़कर लगभग 2200 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई। उन्होंने मांग की है कि लागत बढ़ने के कारणों, निर्माण कार्यों और खर्च की पूरी प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए। महिपाल सिंह का आरोप है कि कुछ ऐसे निर्माण कार्यों पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जिनकी तत्काल आवश्यकता नहीं थी और जिन्हें वैकल्पिक तरीके से पूरा किया जा सकता था।
चंदा प्रबंधन में अनियमितताओं का आरोप
पूर्व लेखा प्रभारी ने चंदे के प्रबंधन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से तय मात्रा से अधिक नकदी बाहर भेजी जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार 10 गड्डियों की जगह 11, 12 या 13 गड्डियां परिसर से बाहर भेजी गईं। महिपाल सिंह के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में पहले भी शिकायत की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
चांदी के झूले और अन्य खर्चों पर भी सवाल
महिपाल सिंह ने शिकायत में 150 किलोग्राम चांदी के झूले से जुड़े मामले का भी जिक्र किया है। उनका आरोप है कि आदेश 150 किलो चांदी का था, लेकिन झूला बनाने में करीब 85 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा उन्होंने बिना रसीद चढ़ावे, कुछ कार्यक्रमों के खर्च और मंदिर परिसर से जुड़ी संपत्तियों की खरीद पर भी जांच की मांग की है।
पहले भी उठ चुके हैं आरोप
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में इससे पहले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी जमीन खरीद को लेकर आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने भी एसआईटी को दस्तावेज सौंपने का दावा किया था। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चंदे को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद महिपाल सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए ट्रस्ट प्रबंधन से जुड़े कुछ आरोप सार्वजनिक किए थे।
जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
महिपाल सिंह ने एसआईटी से सभी आरोपों की विस्तृत जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि कुछ घटनाएं पुरानी होने के कारण उनके पास सभी आरोपों के प्रत्यक्ष दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। अब एसआईटी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन मामलों में आगे कार्रवाई की जरूरत है। राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट से जुड़े इस मामले पर सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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