ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी के बीच ग्राम प्रधानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश (ओपी) राजभर ने संकेत दिए हैं कि ग्राम पंचायतों के प्रशासकों के अधिकार और जिम्मेदारियों को लेकर जल्द नया आदेश जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायतों के विकास कार्यों में आ रही प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करना है।
पंचायत चुनाव टलने के बाद बदली स्थिति
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्य सरकार ने निर्वाचित ग्राम प्रधानों को अस्थायी रूप से प्रशासक नियुक्त किया था, ताकि नई पंचायतों के गठन तक गांवों के जरूरी कामकाज प्रभावित न हों। हालांकि, प्रशासक बनने के बाद कई प्रधानों ने शिकायत की कि उनके अधिकार स्पष्ट नहीं होने के कारण विकास कार्य और कई प्रशासनिक फैसले अटक रहे हैं।
ओपी राजभर ने दिया भरोसा
पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि सरकार पंचायतों के विकास कार्यों को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि नियमित और नीतिगत कार्यों को लेकर जो भ्रम की स्थिति बनी हुई है, उसे दूर करने के लिए विभाग जल्द विस्तृत आदेश जारी करेगा। इससे ग्राम प्रधानों को अपने अधिकारों के अनुसार कार्य करने में आसानी होगी और गांवों में विकास योजनाओं की गति भी तेज होगी।
विकास कार्यों में आ रही हैं दिक्कतें
प्रशासक बनाए जाने के बाद कई ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं, वित्तीय स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्राम प्रधान लगातार सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग कर रहे थे। अब सरकार की ओर से जल्द आदेश जारी होने की संभावना जताई गई है, जिससे रुके हुए कार्यों को गति मिल सकती है।
पहले भी जारी हुआ था आदेश
राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को नई पंचायतों के गठन तक या अधिकतम छह महीने के लिए प्रशासक के रूप में कार्य करने की अनुमति दी थी। यह व्यवस्था पंचायत चुनाव होने तक प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए की गई थी।
चुनाव का इंतजार
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। ऐसे में नई पंचायतों के गठन तक ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे। सरकार के प्रस्तावित नए आदेश से उम्मीद है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों में आ रही बाधाएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
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