ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
कानपुर
के
सचेंडी
थाना
क्षेत्र
में
एक
सनसनीखेज
और
शर्मसार
करने
वाली
घटना
सामने
आई
है।
यहां
एक 14 वर्षीय
छात्रा
के
साथ
कथित
रूप
से
स्कॉर्पियो
सवार
दो
युवकों
ने
सामूहिक
दुष्कर्म
किया, जिनमें एक पुलिसकर्मी शामिल बताया जा रहा है। घटना ने न सिर्फ परिवार को टूट कर रखा है, बल्कि इलाके में सुरक्षा और पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल भी उठाए हैं।
घटना का विवरण
पीड़िता
ने
बताया
कि
सोमवार
रात
करीब 10 बजे
वह
घर
से
निकली
थी।
तभी
दो
युवक, जिनमें एक पुलिसकर्मी था, स्कॉर्पियो में सवार होकर उसे जबरन खींचकर ले गए। दोनों ने उसे रेलवे ट्रैक के पास सुनसान जगह पर ले जाकर करीब 2 घंटे
तक
कार
के
अंदर
उसके
साथ
हैवानियत
की।
पीड़िता
के
भाई
ने
बताया
कि
जब
घटना
खत्म
हुई, तो दोनों आरोपी उसे बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर भाग गए। रात करीब 12 बजे
भाई
ने
देखा
कि
बहन
बदहवास
पड़ी
थी।
तुरंत
उसे
अंदर
लेकर
होश
में
लाया
गया
और
फिर
घटना
की
जानकारी
प्राप्त
हुई।
पुलिस की लापरवाही पर सवाल
पीड़िता
के
भाई
ने
बताया
कि
उन्होंने
रात
ही
डायल-112 पर
सूचना
दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिसकर्मी के शामिल होने के कारण मामले को टालने की कोशिश की गई। पीड़िता और उसके भाई मंगलवार को पुलिस अफसरों से मिले, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इस दौरान भी आरोपियों के नाम FIR में
शामिल
नहीं
किए
गए।
पुलिस
ने
छात्रा
का
मेडिकल
कराया
और
जांच
शुरू
कर
दी।
पुलिस का बयान और कार्रवाई
डीसीपी
वेस्ट
दिनेश
त्रिपाठी
ने
बताया
कि
शिकायत
के
आधार
पर
दो
अज्ञात
लोगों
के
खिलाफ
गैंगरेप
और
अपहरण
की
धाराओं
में
रिपोर्ट
दर्ज
की
गई
है।
उन्होंने
आश्वासन
दिया
कि
जल्द
ही
आरोपियों
की
पहचान
कर
उन्हें
गिरफ्तार
किया
जाएगा।
साथ
ही FIR में
आरोपियों
के
नाम
भी
जोड़े
जाएंगे।
डीसीपी
ने
कहा
कि
मामले
की
जांच
पूर्ण
पारदर्शिता
के
साथ
चल
रही
है।
समाज और सुरक्षा पर सवाल
यह
घटना
यह
दर्शाती
है
कि
बच्चों
और
महिलाओं
की
सुरक्षा
में
अब
भी
गंभीर
खतरे
मौजूद
हैं।
इसके
अलावा, पुलिसकर्मी
के
शामिल
होने
का
आरोप
जनता
के
विश्वास
पर
भी
चोट
है।
लोगों
का
कहना
है
कि
यदि
कानून
लागू
करने
वाले
ही
अपराध
में
शामिल
हों, तो आम नागरिक सुरक्षित कैसे महसूस करें।
कानपुर
की
यह
घटना
पूरे
देश
के
लिए
चेतावनी
है
कि
बाल
सुरक्षा, महिला
सुरक्षा
और
पुलिस
जवाबदेही
बेहद
जरूरी
है।
परिवार
और
समाज
के
साथ
ही
प्रशासन
की
जिम्मेदारी
है
कि
ऐसे
मामलों
में
तत्काल
कार्रवाई, पारदर्शी
जांच
और
न्याय
सुनिश्चित
किया
जाए।
अभी
आरोपी
अज्ञात
हैं, लेकिन पुलिस की जांच और जल्द गिरफ्तारी से उम्मीद है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
Jan 14, 2026
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