ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश की सियासी स्थित में बड़े बदलाव की हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में मंत्रिमंडल के विस्तार और बड़े स्तर पर फेरबदल के संकेत तेज़ हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आगामी कैबिनेट विस्तार में करीब 70 प्रतिशत मंत्रियों की कुर्सी पर *खतरा मंडरा रहा है और कई पुराने मंत्रियों की जगह नए नेताओं को मौका मिल सकता है।
कैबिनेट में बदलाव की आहट: गुजरात के मॉडल जैसा बदलाव?
राज्य में यह चर्चा जोरों पर है कि पिछले वर्ष गुजरात सरकार में बड़े पैमाने पर कैबिनेट बदलाव की तरह ही उत्तर प्रदेश में भी बड़ा फेरबदल हो सकता है। अंदाज़ है कि जो नेता 2017 और 2022 के बाद से लगातार मंत्री बने हुए हैं, उनमें से कई को हटाया या स्थानांतरित किया जा सकता है। लगभग 70 प्रतिशत से अधिक मंत्रियों को बदलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव आएगा।
कौन‑कौन नेताओं की संभावना बढ़ी?
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट विस्तार में कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है। इनमें रामपुर से विधायक आकाश सक्सेना, अलीगढ़ के कुंवर जयवीर सिंह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति, भूपेंद्र सिंह चौधरी, पूजा पाल, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, राम रतन कुशवाहा, पद्मसेन चौधरी व अशोक कटारिया के नाम चर्चित हैं। इसके अलावा योगी सरकार में पहले मंत्री रह चुके महेंद्र सिंह को भी एक बार फिर मौका दिए जाने की बात कही जा रही है।
यह बदलाव मुख्य रूप से जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक रणनीति के आधार पर किया जा सकता है, ताकि आगामी 2027 के चुनावों में पार्टी को मजबूती मिले।
बीजेपी संगठन और शासन के बीच समीकरण
भले ही यूपी बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है, फिर भी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाना कैबिनेट विस्तार के फैसले में अहम रोल निभा सकता है। पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक में संगठन से लेकर सरकार तक किने नेताओं को लाभ मिलेगा, इस पर चर्चा की गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यह मुद्दा भाजपा नेतृत्व के सामने उठाया।
योगी कैबिनेट की वर्तमान संरचना
वर्तमान में उत्तर प्रदेश की कैबिनेट में कुल 54 मंत्री शामिल हैं, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई वरिष्ठ और युवा चेहरे कार्यरत हैं। कैबिनेट में कई कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री भी शामिल हैं।
हालाँकि, विस्तार की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है, लेकिन मकर संक्रांति के बाद किसी भी दिन यह प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि यह बदलाव न सिर्फ मंत्रिमंडल को नया रूप देगा बल्कि पार्टी की चुनावी रणनीति को भी मजबूत करेगा।
Jan 14, 2026
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