वैष्णो देवी हादसा: कटरा ट्रैक पर लैंडस्लाइड से 32 श्रद्धालुओं की मौत, यात्रा स्थगित

जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित विश्व प्रसिद्ध वैष्णो देवी धाम में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। अर्धकुमारी से कुछ दूर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास पुराने ट्रैक पर लैंडस्लाइड से अब तक 32 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 23 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

 हादसा कैसे हुआ

 दरअसल मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे भारी बारिश के कारण पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा अचानक नीचे गिरने लगा। देखते ही देखते ट्रैक पर अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि पत्थरों के गिरते ही सब कुछ तबाह हो गया। कई लोग मलबे में दब गए और उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के वक्त ट्रैक पर सैकड़ों लोग मौजूद थे।

 चश्मदीदों की दहशत भरी दास्तान

 - एक श्रद्धालु ने बताया, “मैं अपने परिवार के साथ यात्रा पर था। मेरी पत्नी और बच्चे आगे निकल गए थे, तभी जोरदार आवाज हुई और चट्टानें गिरने लगीं। अब मेरे बच्चों का कोई पता नहीं है।

-वही एक महिला श्रद्धालु ने बताया, “हम माता रानी के दरबार जा रहे थे। मुझे और मेरे पति को तो बचा लिया गया, लेकिन मेरे तीनों बच्चे पत्थरों के नीचे दब गए।

-साथ ही पंजाब की श्रद्धालु किरण ने कहा, “मैं दर्शन कर लौट रही थी। अचानक लोग चिल्लाने लगे। मैंने पत्थर गिरते देखा और सुरक्षित जगह की ओर भागी, लेकिन घायल हो गई। हमारे ग्रुप के 5 लोगों में से 3 घायल हैं।

 यात्रा स्थगित, ट्रेनें रद्द

 आपको बता दें, भारी बारिश और हादसे के बाद प्रशासन ने वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। नॉर्दर्न रेलवे ने जम्मू-कटरा के बीच चलने वाली 22 ट्रेनें रद्द कर दी हैं, जबकि 27 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। हालांकि, कटरा-श्रीनगर के बीच रेल सेवा जारी है।

 जम्मू में बाढ़ जैसे हालात

 जम्मू शहर और आसपास के इलाकों में 24 घंटे से भी कम समय में 250 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार को केवल 6 घंटे में ही 22 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो अब तक की सबसे बड़ी बारिश मानी जा रही है। इससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। घरों और खेतों में पानी भर गया है। झेलम नदी का जलस्तर 22 फीट पार कर गया है, जिसके बाद दक्षिण कश्मीर में बाढ़ अलर्ट जारी कर दिया गया है।

 राहत और बचाव कार्य

 सेना, NDRF और SDRF की टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक जम्मू जिले में 3500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी रिलीफ कैंप और बचाव शिविर बनाए गए हैं। ज्यादातर लोगों को जम्मू के यूथ हॉस्टल में रखा गया है। सेना ने इलाके को तीन हिस्सों में बांटकर राहत कार्य शुरू किया हैएक टीम अर्धकुमारी, दूसरी कटरा-ठक्कड़ कोट रोड और तीसरी जौरियन इलाके में काम कर रही है।

 प्रशासन की अपील

 जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की आशंका को देखते हुए यात्रा स्थगित होने तक घरों में ही सुरक्षित रहें। बहरहाल, यह हादसा केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गहरा सदमा है। माता वैष्णो देवी की यात्रा पर निकले सैकड़ों लोगों के लिए यह त्रासदी हमेशा याद की जाएगी।


Comments (0)