27 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक हृदयविदारक घटना ने सभी को झकझोर दिया। रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्कलेव कॉलोनी में एक धनी कारोबारी ने अपनी पत्नी और चार वर्षीय बेटे के साथ आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, मृतक कारोबारी सचिन ग्रोवर (35), उनकी पत्नी शिवांगी (30), और उनके बेटे फतेह (4) ने आर्थिक तंगी और भारी कर्ज के दबाव में यह कठोर कदम उठाया। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में सदमा और शोक की लहर दौड़ा दी। पुलिस का बयान पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि सचिन और शिवांगी ने पहले अपने बेटे फतेह को चूहे मारने की दवा (जहर) खिलाई, और फिर दोनों ने अलग-अलग कमरों में पंखे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सचिन का शव ड्राइंग रूम में और शिवांगी का शव बेडरूम में फंदे से लटकता मिला, जबकि फतेह का शव बेड पर अचेत अवस्था में पाया गया। दरअसल, सुबह जब घर से कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों को शक हुआ। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 35 पन्नों का नोट आपको बता दें, घटना से पहले शिवांगी ने अपनी मां को वॉट्सऐप पर 35 पन्नों का सुसाइड नोट भेजा था, जिसमें उन्होंने मकान और गाड़ी के कर्ज का जिक्र किया। नोट में लिखा था, “हम अब परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते। आप लोग अब आराम से रहिएगा।” नोट में यह भी उल्लेख किया गया कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं थी और परिवार ने उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने अपील की कि उनकी संपत्ति, जैसे कार और घर, बेचकर कर्ज का भुगतान किया जाए, ताकि लेनदारों को कोई आपत्ति न हो। बता दें, नोट में कुछ बातें हिंदी में तो कुछ अंग्रेजी में लिखी गई थीं। पुलिस ने दोनों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकालने की तैयारी कर रही है। परिवार और पृष्ठभूमि सचिन ग्रोवर शहर के पॉश इलाके दुर्गा एन्क्लेव में अपने परिवार के साथ रहते थे। 2200 स्क्वायर फीट के दो मंजिला मकान के ऊपरी हिस्से में सचिन और उनका परिवार रहता था, जबकि उनकी मां और दोनों भाई नीचे रहते थे। पिता विजय कुमार का कुछ साल पहले निधन हो चुका था। सचिन की दो दुकानें "पानीपत हैंडलूम" नाम से थीं और उनके दोनों भाई भी इसी कारोबार से जुड़े थे। वही साल 2017 में सचिन ने पड़ोस में रहने वाली शिवांगी से प्रेम विवाह किया था। हालांकि, लंबे समय से कारोबार में घाटा और कर्ज का दबाव उनके लिए असहनीय हो गया था। सचिन की मां ने बताया कि घटना से एक दिन पहले सचिन ने कहा था कि उन्हें पांच लाख रुपये बैंक में जमा करने हैं, और तीन लाख रुपये का इंतजाम हो गया था। पुलिस की करवाई प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन सचिन का शव जमीन को छू रहा था, जिसके कारण पुलिस हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही। मामले की गहन जांच जारी है। बहरहाल, यह घटना शाहजहांपुर में हाल के समय में आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या की कई घटनाओं में से एक है। इससे पहले भी जिले में कर्ज से परेशान परिवारों द्वारा ऐसी खबरें सामने आ चुकी हैं। यह त्रासदी न केवल एक परिवार के अंत की कहानी है, बल्कि आर्थिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर समाज और प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। Comments (0) Post Comment